हमारा हमेशा प्रयास रहा है कि नगर परिषद में भले ही युति न हो, लेकिन महानगर पालिका में अधिकाधिक जगहों पर युति हो. यूटी के कार्यकर्ता चाहे सभा हो या विधानसभा, हमेशा एक साथ मिलकर काम करते हैं. चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं को लगता है कि महायुति होनी चाहिए और अधिकतर मामलों में महायुति बनती भी है. इस प्रकार, महानगर पालिका में युति का प्रभाव सबसे ज्यादा दिखाई देता है और यह कार्यकर्ताओं की एकजुटता को दर्शाता है.