इस बजट में भारत के भविष्य का एक स्पष्ट और समर्पित रोडमैप प्रस्तुत किया गया है, जिसका उद्देश्य संपूर्ण विकसित भारत का निर्माण करना है. पूर्वोत्तर क्षेत्र, खासकर असम, दशकों तक वोट बैंक राजनीति के कारण विकास से वंचित रहा है. इस क्षेत्र की सड़कें टूटी-फूटी थीं, रेल संपर्क कमजोर था और उद्योगों का अभाव था, जिससे रोजगार के अवसर सीमित थे.