सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ कर दिया कि चाइल्ड पोर्न देखना या उसे स्टोर करके देखना भी POCSO एक्ट के तहत अपराध है. सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को गंभीर गलती माना है. देखें ये वीडियो.