यह विवाद राहुल गांधी द्वारा एक अनपब्लिश्ड किताब के मुद्दे से जुड़ा हुआ है. जनरल नरवणे और पेंगुइन पब्लिशर ने स्पष्ट किया है कि यह किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, और स्पीकर ने संसद में बार-बार यह रूलिंग दी कि अनपब्लिश्ड किताब को काटा नहीं जा सकता. इससे यह साफ हो गया कि न तो किताब छपी है और न ही ऑनलाइन उपलब्ध है.