कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि मुंबई के महापौर के पद को मराठी होना जरूरी बताया गया है. कहा गया कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी है और इसमें किसी भी तरह का भेदभाव या असंवैधानिक भाषा प्रयोग स्वीकार्य नहीं है. मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई भाषा संबंधित टिप्पणियां संविधान के खिलाफ मानी गयी हैं. संविधान की शपथ लेकर ऐसी टिप्पणियां करना और एक वर्ग को ही महापौर या मुख्यमंत्री बनाना अनुचित है. बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान न हो इसलिए सभी समुदायों को समान अधिकार मिलना चाहिए, चाहे वे बौद्ध हों या जैन. महाराष्ट्र में कई सालों से जैन समुदाय के लोग सक्रिय हैं. पद की गरिमा बनाए रखना जरूरी है और अगर ऐसा नहीं होता तो इस्तीफा देना चाहिए.