मुंबई के महापौर के पद के लिए महायुती गठबंधन का ही उम्मीदवार होना चाहिए था, लेकिन रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) को सीटें देने में दिक्कत आई क्योंकि बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर शिवसेना को ज्यादा सीटें दीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ सीटें दी जानी चाहिए थीं, लेकिन मजबूरी के चलते पूरी मदद नहीं मिल पाई. इस वजह से आरपीआई ने 20 सीटों पर अपने टिकट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि बाकी 207 सीटों पर बीजेपी-शिवसेना का समर्थन मिलेगा.