यह वीडियो स्पष्ट करता है कि घटना में शामिल महिला पुलिस अधिकारी कलकत्ता पुलिस की थीं और कोई सीआरपीएफ अधिकारी नहीं थे. महिला पुलिसकर्मियों की पहचान की गई है और यह बताया गया है कि वे सीआरपीएफ की नहीं थी. चेकिंग और फ्रिस्किंग की प्रक्रिया में केवल कलकत्ता पुलिस की महिलाएं शामिल थीं. पुरुष अधिकारियों द्वारा सिर्फ पुरुषों की फ्रिस्किंग की जा रही थी.