यह प्रकरण पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश से विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन से जुड़ा है. मेरठ के मवाना तहसील के ग्राम नगला गोसाई में एक सौ सात परिवार झील की भूमि पर अवैध रूप से रहते थे. इनमें से आठ परिवार कई वर्षों से अन्यत्र रोजगार के लिए जा चुके हैं.