बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि वह एक कमजोर और गिरती हुई पार्टी बन जाएगी जो अस्वस्थ राजनीति में लिप्त है. फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि आशी जी ने गुरु साहेब का नाम नहीं लिया, जिससे यह जाहिर होता है कि आरोप बेबुनियाद हैं. इस राजनीतिक खेल के पीछे केवल अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश की जा रही है.