पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट में रविवार की रात माहौल पूरी तरह से अलग था. गोलियों और आंसू गैस के बजाय वहां की सड़कों पर हजारों लोग पूरे जिलों से जुटे थे. बच्चे, बूढ़े, जवान सभी ने मिलकर एक संकल्प लिया कि हुक्मरानों की तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.