शांति वार्ता के दौरान ईरान ने दस सूत्रीय प्रस्ताव रखा है जबकि अमेरिका ने पंद्रह सूत्रीय प्रस्ताव दिया. डिप्लोमेसी की दृष्टि से दोनों पक्षों ने अपनी अपनी अधिकतम स्थितियां प्रस्तुत की लेकिन दोनों देशों ने एक दूसरे के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया.