सूत्रों के मुताबिक, खालिस्तान समर्थक चरमपंथी कमजोर तबके के युवाओं को प्लंबर, ट्रक ड्राइवर अथवा गुरुद्वारों में सेवादार, पाठी और रागी का धार्मिक काम करने के लिए कनाडा बुलाकर गलत कामों के लिए उनका शोषण कर रहे हैं.