एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा का कहना है कि बड़े नेता हमेशा युवाओं के प्रति सहिष्णुता दिखाते हैं और उनके उत्साह को समझते हैं. कई बार बच्चे अपनी भावनाओं में कुछ ऐसा कर देते हैं जो सही नहीं लगता, लेकिन इसका अर्थ यह होता है कि वे अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहे होते हैं. ऐसे कार्यों की निंदा की जानी चाहिए, लेकिन यह भी जरूरी है कि हम युवाओं की रुचि और भावनाओं को समझें और उनके साथ सहानुभूति रखें.