पुलिस की साइबर सेल हर संदिग्ध इंटरनेट गतिविधि पर कड़ी नजर रखेगी. इसके लिए विशेष साइबर कमांडो टीम तैयार की गई है. केंद्रीय सुरक्षा बल सहित स्थानीय पुलिस की मदद भी ली जाएगी ताकि हर सेंटर पर पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. सीआरपी कमांडो हर स्थान पर रहेंगे. फिस्किंग के खतरे को देखते हुए लोकल पुलिस बल भी सक्रिय रहेगा.