PM मोदी ने अमेरिका-ईरान समझौते पर प्रतिक्रया देते हुए कहा कि अब होर्मुज से जहाजों की आवाजाही स्वतंत्रता के बाद पूरी तरह से स्वतंत्र तरीके से हो सकेगी. इसका मतलब यह है कि इस क्षेत्र में व्यापार और समुद्री यातायात में सुधार होगा, जो आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.