पितृपक्ष 2026 की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समापन होगा. जानें पूर्णिमा से अमावस्या तक श्राद्ध की पूरी तिथियां, तर्पण, पिंडदान और दान से जुड़ी महत्वपूर्ण मान्यताएं. इस दौरान तर्पण, पिंडदान, भोजन और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना शुभ माना जाता है.