यह एक गर्व की बात है कि एक आदिवासी महिला ने दूसरी बार निर्विरोध राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी ताकत दिखाई है. उन्होंने अपनी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की है और बताया कि किस तरह वह इसे अपना सौभाग्य मानती हैं. साथ ही उन्होंने शीर्ष नेताओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका समर्थन किया और दोबारा सदस्य बनाए.