मिडिल ईस्ट में जंग का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है. ईंधन, बिजली और खाद्य वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़े हैं. पेट्रोल-डीजल रिकॉर्ड स्तर पर हैं, जबकि महंगाई ने आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ाया है. IMF शर्तों और ब्याज दर बढ़ने से हालात और कठिन हुए हैं.