अ मुक्तेश्वरानंद के विषय में विपक्ष ने बीजेपी पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया है. इस मामले में कहा जा रहा है कि जब शंकराचार्य का सम्मान नहीं हो रहा है, तो सभी संतों का अपमान हो रहा है. इसके अतिरिक्त, एक तरफ शासन सत्ता और बड़े नेता केशव मौर्या को कालनेमी कहा जा रहा है, वहीं वे उनके चरणों में बिछे जा रहे हैं. विपक्ष ने सरकार और बीजेपी से सवाल किया है कि असली कालोनी में कौन है.