ओम बिरला का कहना है कि सदन में सभी सदस्यों को साथ लेकर सामंजस्य पूर्वक व्यवस्था और कार्यकुशलता बनाए रखना मेरा कर्तव्य रहा है. मेरा हमेशा प्रयास होता है कि सदन की गरिमा, मर्यादा और प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि होती रहे. सदन की शांति और आदेश बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी निभाना आवश्यक है जिससे एक सुसंगठित और प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित हो सके.