ओम बिरला का कहना है कि हर सदस्य जनता की समस्याओं, अभावों और कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करता है. वे नागरिकों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से सदन में अपने विचार प्रकट करते हैं. सदन में सभी सदस्यों को नियमों और प्रक्रियाओं के अंतर्गत विशेष मुद्दों पर अपनी बात कहने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाते हैं.