राज्यसभा की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक सफर का नया अध्याय शुरू कर दिया है. केंद्र में भूमिका की अटकलों के बीच उन्होंने बिहार पर फोकस रखने का संकेत दिया है. दिल्ली और पटना के बीच संतुलन बनाते हुए वे संगठन को मजबूत करने और नई सरकार को मार्गदर्शन देने की रणनीति पर काम करेंगे, जिससे उनकी सियासी पकड़ बरकरार रहेगी.