निशिकांत दुबे ने संसद में हंगामे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संसद में आठ लोगों को सस्पेंड किया गया है और ज़्यादा सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी. यह किसी भी रूप में गुंडागर्दी स्वीकार्य नहीं है. उपस्थित अधिकारी और कर्मचारी, जो लोकसभा सेक्रेटेरियट में पक्ष और विपक्ष दोनों को सहयोग करते हैं, उन्हें धमकाना और डराना गलत है.