योगी आदित्यनाथ का कहना है कि यदि शंकराचार्य को उस दिन पालकी के साथ स्नान के लिए जाने दिया गया होता तो भगदड़ हो सकती थी. लेकिन अब ब्रजेश पाठक के शंकराचार्य के समर्थन में आने से उत्तर प्रदेश में नया विवाद खड़ा हो गया है. समाजवादी पार्टी ने इसे राजनीतिक अवसर के रूप में लिया है.