नेपाल में बाढ़ की वजह एक ग्लेशियर का टूटना था. ऊंचाई पर जमा पानी का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटे हुए अवरोध के कारण नीचे की ओर बहने लगा, तो तबाही का असली मंजर शुरू हुआ. यह पानी अकेला नहीं था, बल्कि अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को समेटते हुए आगे बढ़ रहा था. पानी के इस तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में बर्फ के टुकड़े, विशाल चट्टानें, मिट्टी और कचरा यानी मलबा भी शामिल था.