प्राकृतिक आपदा की भयावहता का सामना करने वाले एक पीड़ित ने रोते हुए अपनी आपबीती साझा की है. उन्होंने बताया कि कैसे उनका पूरा परिवार मौत के मुंह में समाने से बाल-बाल बच गया. पीड़ित के अनुसार, तबाही आने से ठीक पहले उनके पास उस जगह से सुरक्षित भागने के लिए बहुत ही कम समय बचा था. अगर वे वहां से भागने में सिर्फ दो मिनट की भी देरी कर देते, तो आज उनका पूरा परिवार जिंदा नहीं बचता और इस भयानक आपदा की चपेट में आकर हमेशा के लिए खत्म हो जाता.