रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि अमेरिका और इजरायल को पहले युद्ध में हराना जरूरी है. इसके बाद अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान को पहुंचाया गया नुकसान वसूला जाएगा. बताया गया है कि दो मध्यस्थ देशों के माध्यम से भेजे गए सभी प्रस्तावों को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. यह स्थिति बताती है कि ईरान अपनी नीतियों और सुरक्षा मामलों को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए है और किसी भी हालत में अपने हितों की रक्षा करना चाहता है.