उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण और गैंगरेप का गंभीर मामला सामने आया है. पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सभी को चौंका दिया है, क्योंकि इस जघन्य वारदात में पुलिस विभाग से जुड़े एक अधिकारी की संलिप्तता के आरोप लगे हैं. मामले में भीमसेन चौकी प्रभारी दरोगा अमित मौर्या पर गंभीर आरोप हैं. आरोप है कि उन्होंने शिवबरन नामक एक कथित पत्रकार के साथ मिलकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में करीब दो घंटे तक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. प्रारंभिक जांच में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है. उन पर आरोप है कि पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद शुरुआत में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. इधर, दरोगा अमित मौर्या को भी निलंबित कर दिया गया है, हालांकि वह घटना के बाद से फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया है. दूसरे आरोपी और कथित पत्रकार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.