बाजार में रूपया की महत्ता और भारत के आर्थिक विकास पर चर्चा की गई है. बताया गया है कि हम डॉलर में नहीं फंसे हैं, बल्कि रूपए में ही तेल और अन्य व्यापार कर रहे हैं. भारत विश्व के एक सौ पचासी से अधिक देशों के साथ व्यापक व्यापार करता है. देश तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर बढ़ रहा है, बावजूद इसके कुछ लोग नकारात्मक टिप्पणी करते हैं. ममता बनर्जी के चुनावी मुद्दों और एसआर के नोटिस के संदर्भ में भी बात हुई है.