पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि केवल एक अकेला मामला नहीं है बल्कि यह पूरे देश के हर सेक्टर को प्रभावित करता है. इस बढ़ती कीमत का सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग पर पड़ता है, जो सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल नहीं हैं. ऐसे में इन वर्गों के लिए यह असहनीय बोझ बन जाता है.