एक सामान्य परिवार से शासन के शीर्ष तक पहुंचने का सफर कभी राजनीतिक विरासत का परिणाम नहीं होता बल्कि यह सड़कों पर जुटी जद्दोजहद का नतीजा होता है. यह आंदोलन हिंसक हो चुका था जिसमें कई जगह नक्सली तत्व, माओइस्ट, टीएमसी और बीजेपी की सहभागिता देखी गई. सभी ने मिलकर लेफ्ट फ्रंट के खिलाफ नंदीग्राम आंदोलन में हिस्सा लिया. यह संघर्ष राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और उस दौर की जटिलता को दर्शाता है.