पंचायती निरंजनी अखाड़ा की महामंडलेश्वर अन्नपूर्णागिरी ने कहा कि यूजीसी समाज के लिए दोधारी तलवार साबित होगा. यह किसी के लिए विकास तो किसी के लिए विनाशकारी हो सकता है. मुझे लगता है कि समाज में इसका निर्णय घातक साबित हो सकता है. वे मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में हिन्दू सम्मेलन को संबोधित करने आई थीं. उन्होंने कहा कि हम सामाजिक समरसता के पूर्ण पक्षधर हैं, क्योंकि हम श्रीराम और श्रीकृष्ण के अनुयायी हैं. राम मंदिर के फेरों में नहीं शबरी के बेरों में मिलते हैं. उन्होंने माघ मेले प्रयागराज की घटना को गलतफहमी बताया, शंकराचार्य हमारे भगवान हैं, लेकिन उनके साथ बटुकों और ब्राह्मणों का अपमान अस्वीकार्य है. पुलिस ने चोटी-शिखा खींची और पीटा, ऐसा नहीं होना चाहिए था. संतों का सम्मान होता है. बटुकों-ब्राह्मणों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं शंकराचार्य हमारे भगवान हैं और योगी आदित्यनाथ जी संत-सन्यासी हैं, जिन्होंने धर्म और राष्ट्र दोनों के लिए काम किया.