एमपी के सागर जिले का मामला है, यहां बेटी वंदना ने बताया कि उनके पिता को अपनी बेटियों से काफी लगाव था. हमारा कोई भाई नहीं है, इस कारण उनके साथ सभी छोटी-बड़ी बहनों (अनीता, तारा, जयश्री, कल्पना, रिंकी, गुड़िया, रोशनी और दुर्गा) ने एक साथ बेटी होने का फर्ज निभाने का फैसला किया. पिता ही हमारा संसार थे.