सरकार ने DILRMP 3.0 की शुरुआत की है, जिसके तहत जमीन के रिकॉर्ड, नक्शे और रजिस्ट्रेशन को डिजिटल और एकीकृत किया जाएगा. हर जमीन को 14 अंकों का यूनिक भू-आधार नंबर देने की व्यवस्था होगी. पुराने रिकॉर्ड भी डिजिटल किए जाएंगे और शहरी संपत्तियों के प्रॉपर्टी कार्ड जारी होंगे. वीडियो में जानें क्या है पूरा प्लान.