पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि इस कोलकाता में कोई मुगल-पठान नाम नहीं रहेगा. एक सड़क, तीन किरदार... और इतिहास की ऐसी बहस, जिसमें 1946 के दंगे, विभाजन की त्रासदी और आज की राजनीति सब एक साथ आ खड़े हुए हैं. कोलकाता की सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर गोपाल पाठा के नाम पर किए जाने के फैसले ने एक बार फिर तीन नामों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है. ये नाम हैं- हसन सुहरावर्दी, हुसैन शहीद सुहरावर्दी और गोपाल पाठा.और पढ़ेंविवाद की शुरुआत इस सवाल से हुई कि आखिर जिस सड़क का नाम सुहरावर्दी एवेन्यू था, वह किस सुहरावर्दी के नाम पर थी?