कश्मीरी छात्रों ने आरोप लगाया है कि जब वे अपनी समस्याओं के साथ वाइस चांसलर से मिले तो उन्हें समाधान की जगह अपशब्दों का सामना करना पड़ा और उन्हें विश्वविद्यालय छोड़ने तक की धमकी दी गई. इस घटना के बाद छात्रों ने वाइस चांसलर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. यह मामला शिक्षा क्षेत्र में अधिकारियों के व्यवहार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.