हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन लोगों के साथ खड़े हों जो मरे और पीड़ित हुए हैं. उनकी तकलीफों को महसूस करना और उनकी खुशी में शामिल होना आवश्यक है. देश और प्रदेश में उनके लिए आवाज उठाना हम सभी का कर्तव्य है. वर्तमान में कई जगहों को छावनी में बदल दिया गया है और लोगों को रोका जा रहा है. हत्याएँ हुई हैं और दोषियों ने अपने पाप छुपाने की कोशिश की है.