1982 में इजराइल ने दक्षिणी लेबनान पर कब्जा किया था जो 18 वर्षों तक चला. इस कब्जे के विरोध में हिजबुल्लाह का निर्माण हुआ जिसने ईरान का समर्थन पाया. ईरान की सहायता से हिजबुल्लाह के पास हथियार, रॉकेट और मिसाइलें हैं. हिजबुल्लाह लेबनान का एक सशस्त्र और राजनीतिक समूह है जिसमें ज्यादातर लेबनानी नागरिक शामिल हैं.