ईरान की मिसाइलों की क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करने की मांग की जा रही है. इसमें ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता को तीन सौ किलोमीटर से कम करना शामिल है ताकि वे इजराइल तक नहीं पहुंच सकें. इसके साथ ही, ईरान के मध्य पूर्व में सहयोगी समूहों, जैसे हमास और हिजबुल्लाह, को भंग करने की बात हो रही है जो ईरान के इशारे पर काम करते हैं.