इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या 14 दिन बाद फिर युद्ध होगा. ईरान अपने परमाणु सपने को छोड़ने वाला नहीं है और न ही वह इजरायल के अस्तित्व को स्वीकार करेगा. साथ ही, वह अपने एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस यानी आतंकियों और सहयोगी समूहों का साथ नहीं छोड़ेगा.