ईरान के उपराष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और दबाव की स्थिति ने हालात में बदलाव ला दिया है. अब देश बातचीत की मेज पर आने को तैयार हैं. इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि सुरक्षा और नियंत्रण के मुद्दे पर ईरान अपनी शर्तों पर ही आगे बढ़ेगा.