अगर अमेरिका और ईरान इसी तरह अपनी स्थिति पर कायम रहें और अमेरिका अपनी मिसाइल शक्ति को बढ़ाता रहे, तो क्या बातचीत अगली बार हो पाएगी. इस बातचीत का मकसद शांति है, लेकिन ईरान जो एक पुरानी सभ्यता है और जिसका अस्तित्व मिटाना मुश्किल है, उसे अपनी रक्षा को मजबूत करना जरूरी लगता है.