ईरान ने खाड़ी में करीब 300 फंसे जहाजों से टोल वसूलना शुरू कर दिया है. खासकर ईरानी संसद में टोल विधेयक पारित होने के बाद यह प्रक्रिया तेज हुई है. ईरान जहाजों से प्रति बैरल 1 डॉलर की लेवी वसूल रहा है. इसके लिए जहाजों को पहले आईआरजीसी को ब्यौरा भेजना होता है, उसके बाद मंजूरी और टोल भुगतान के बाद कोड मिलता है. ईरान यह टोल चीनी युआन, क्रिप्टोकरेंसी या ईरानी रियाल में ले रहा है. अनुमान है कि रोजाना लगभग 10 हजार जहाज गुजर रहे हैं और ईरान अब तक 60 से 80 अरब रुपये की आमदनी कर चुका है. इस टोल से ईरान की आय और बढ़ने की संभावना है.