49 दिनों के बाद होर्मुज स्ट्रेट खुलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिली है. तेल और गैस की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों को फायदा होगा. इस कदम से न सिर्फ सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है, बल्कि महंगाई और ईंधन कीमतों पर दबाव भी कम हो सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी