ईरान पर बढ़ता दबाव अब उसके तेल सेक्टर को गंभीर संकट में धकेल रहा है. अमेरिकी नाकाबंदी और वैश्विक तनाव के चलते निर्यात घटा है और स्टोरेज की समस्या बढ़ती जा रही है. हालात ऐसे बन रहे हैं कि उत्पादन में कटौती करनी पड़ सकती है. अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो इसका असर सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है.