स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टोल लगाने के प्रस्ताव ने वैश्विक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है. ईरान के इस कदम का असर केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. यूरोपीय यूनियन और खाड़ी देशों के विरोध के बीच यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय कानून और शक्ति संतुलन की बड़ी परीक्षा बन सकता है.