अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अगर इस्लामाबाद में वार्ता विफल हुई तो ईरान को इसका भीषण नुकसान होगा. अब ईरान के पास कुछ भी बचा नहीं है और इसके बावजूद अमेरिका अभी भी उसे विध्वंसक हथियार भेज रहा है अगर बातचीत सफल नहीं होती है तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.