महंगाई की चिंता को अलग रख कर इस सवाल को समझिए कि ईरान जो ₹18 करोड़ रुपये पर जहाज की वसूली की मांग कर रहा है, वह विश्व स्तर पर कैसे स्वीकृत हो सकता है. कई देशों का तेल वहाँ से जाता है. इस स्थिति में ईरान की मांग को लेकर विवाद उत्पन्न हो रहा है। इस विषय पर विस्तार से चर्चा आवश्यक है.