ईरान संकट ने भारत की अर्थव्यवस्था पर पहली बार असर दिखाया है. करीब चार लाख टन बासमती चावल बंदरगाहों पर या रास्ते में फंसा हुआ है. इस वजह से नए व्यापार सौदे लगभग ठप हो गए हैं. भारत का करीब 72 प्रतिशत बासमती चावल मिडल ईस्ट देशों को जाता है, जिससे व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ा है. इस संकट से भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र को बड़ा नुकसान हो सकता है.