न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज में सैन्य कार्रवाई की मांग को लेकर अरब देश UN पहुंचे. इस प्रस्ताव में Strait of Hormuz को खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई की अनुमति देने की मांग की गई थी. लेकिन रूस-चीन और फ्रांस के वीटो की वजह से इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.